आधार ऑपरेटर यूनियन राजस्थान
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आधार ऑपरेटर कैसे बनें? (प्रक्रिया एवं नियम)
UIDAI गाइडलाइन्स 2026 के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया और सरकारी नियम।
📌 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (Step-by-Step)
सख्त निर्देश: UIDAI के कड़े निर्देशों के अनुसार, आधार नामांकन और अपडेट का कार्य केवल सरकारी परिसर (Government Premises) में ही किया जा सकता है।
- अनुमति है: पंचायत भवन, सरकारी स्कूल, बैंक, ब्लॉक ऑफिस, तहसील, BSNL ऑफिस।
- प्रतिबंध है: निजी दुकान, घर, या प्राइवेट इंटरनेट कैफे में आधार मशीन चलाना सख्त मना है।
✅ ऑपरेटर के कर्तव्य (Do’s)
- हर नामांकन के बाद निवासी को रसीद (Acknowledgement Slip) जरूर दें।
- UIDAI द्वारा निर्धारित शुल्क (Rate List) सेंटर पर चस्पा करें।
- दस्तावेज़ (POI/POA) की ओरिजिनल कॉपी स्कैन करें।
- बायोमेट्रिक अपवाद (Exception) मामलों में सीनियर अधिकारी की अनुमति लें।
- रोजाना GPS सिंक करें।
❌ सख्त मना है (Don’ts)
- निर्धारित शुल्क (₹50/₹100) से अधिक पैसे न लें। (Overcharging is a Crime).
- बिना दस्तावेज़ के कोई भी अपडेट न करें।
- अपनी मशीन किसी और व्यक्ति को इस्तेमाल न करने दें।
- निवासी के साथ अभद्र व्यवहार न करें।
- फर्जी या धुंधले दस्तावेज़ अपलोड न करें।
इन-हाउस मॉडल (In-House) के खिलाफ संघर्ष
“निजी मशीनों को बंद कर सरकारी मशीनों (In-House) को थोपने की नीति के खिलाफ यूनियन की बुलंद आवाज़।”
सरकार और UIDAI द्वारा एक नई नीति लागू की जा रही है जिसे “In-House Model” कहा जाता है। इसके तहत:
- निजी ऑपरेटर्स की खुद की मशीनों (Private Kits) को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है।
- केवल सरकारी मशीनें (जो DoIT या सरकारी विभाग की हैं) ही काम करेंगी।
- पुराने ऑपरेटर्स, जिन्होंने लाखों रुपये खर्च कर मशीनें खरीदी थीं, उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है।
- ऑपरेटर्स को सरकारी कार्यालयों में संविदा (Contract) पर बहुत कम वेतन पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है।
परिणाम: हजारों ई-मित्र और आधार संचालक भाई बेरोजगार हो रहे हैं।
🚩 हमारी प्रमुख मांगें (Our Demands)
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“संगठन में ही शक्ति है।” अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और अपने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए आज ही आधार ऑपरेटर यूनियन राजस्थान से जुड़ें।
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