In-House Model विवाद: जयपुर में मंत्री के हस्तक्षेप के बाद DOIT आयुक्त से बनी सहमति, आधार ऑपरेटर्स को मिली बड़ी राहत
Rajasthan Aadhaar Operator Union के हजारों सदस्यों के संघर्ष को आज एक निर्णायक मोड़ मिला है। प्रदेश भर के आधार ऑपरेटर्स, जो पिछले लंबे समय से ‘इन-हाउस मॉडल’ (In-House Model) और सब-एजेंसी प्रथा के कारण अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे, आज उनकी आवाज सरकार के गलियारों तक न सिर्फ पहुंची, बल्कि सुनी भी गई।
- कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के कार्यालय पहुंचा यूनियन का प्रतिनिधिमंडल।
- मंत्री के निर्देश पर DOIT आयुक्त और राजकॉम्प हेड से हुई हाई-लेवल मीटिंग।
- ‘In-House Model’ कमेटी में यूनियन के 5 सदस्यों को शामिल करने का फैसला।
- सरकार का आश्वासन: “ऑपरेटर्स के हितों के खिलाफ कोई नीति नहीं बनेगी।”
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष श्री किशन लाल जाट के नेतृत्व में राजस्थान के कोने-कोने से आए जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आज अपनी एकता का परिचय देते हुए जयपुर कूच किया।
1. मंत्री कार्यालय में क्या हुआ?
आज सुबह यूनियन का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के जयपुर स्थित कार्यालय पहुंचा। उस समय मंत्री महोदय विधानसभा सत्र की कार्यवाही में व्यस्त थे, लेकिन उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए ऑपरेटर्स को निराश नहीं किया।
मंत्री जी ने तुरंत अपने कार्यालय से सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) के उच्च अधिकारियों को दूरभाष पर निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “आधार ऑपरेटर्स की समस्याएं जायज हैं, विभाग के अधिकारी तुरंत यूनियन प्रतिनिधियों से मिलें और उनकी शंकाओं का निवारण करें।”
2. DOIT आयुक्त के साथ ऐतिहासिक वार्ता
मंत्री जी के हस्तक्षेप के बाद, प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई। यूनियन पदाधिकारियों को तुरंत DOIT मुख्यालय बुलाया गया, जहाँ उनकी मुलाकात विभाग के आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता (IAS) और राजकॉम्प (RajComp) के शीर्ष अधिकारियों से हुई।
प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल:
- किशन लाल जाट (प्रदेश अध्यक्ष)
- सुरेश सोलंकी (जिला अध्यक्ष)
- गोपाल जाट (उदयपुर जिला अध्यक्ष)
- आदित्य प्रताप सिंह (वरिष्ठ सदस्य)
3. In-House Model पर सरकार का यू-टर्न?
मीटिंग का मुख्य एजेंडा “सब-एजेंसी को इन-हाउस मॉडल सौंपने” का विरोध था। ऑपरेटर्स का तर्क था कि निजी मशीनों को बंद कर सरकारी मशीनें लगाने से हजारों युवा बेरोजगार हो जाएंगे।
अधिकारियों ने ऑपरेटर्स के तर्कों को गंभीरता से सुना और लंबी चर्चा के बाद दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो यूनियन की बड़ी जीत माने जा रहे हैं:
— किशन लाल जाट (प्रदेश अध्यक्ष)
साथ ही, DOIT आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि राजस्थान सरकार की मंशा किसी को बेरोजगार करने की नहीं है। उन्होंने कहा कि “जो भी नई परियोजना (Project) बनेगी, वह आधार ऑपरेटर्स के हितों को सर्वोपरि रखकर ही बनाई जाएगी।”
आगे की राह
आज की यह मीटिंग यह साबित करती है कि संगठन में ही शक्ति है। जहाँ कल तक इन-हाउस मॉडल को एक तरफा लागू करने की चर्चा थी, आज सरकार को ऑपरेटर्स को हिस्सेदारी देने पर मजबूर होना पड़ा है।
यूनियन ने सभी साथियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहें। यह अभी शुरुआत है, अंतिम जीत तक संघर्ष जारी रहेगा।
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